vartika
Thursday, April 19, 2012
दर्द से रिश्ता
तुम्हारे - हमारे ख्वाबो में
रिवाजो का अजब पहरा है ---
मालुम नहीं कौन सी मज़बूरी थी वो --
या फिर ये कोई खेला है ----?
तुम्हारी आँखों के कतरे की कसम ----
दर्द से रिश्ता अब मेरा
और भी गहरा है -----?
Wednesday, April 18, 2012
कदमो के निशाँ
वीरान हो चुकी गहरी रातो में
तेरा खामोश सा साया
मेरे अश्को के समुंदर में आज भी
मुस्कुराता तो है -------?---------
ये किसकी दस्तक है ------
कौन कुछ पैगाम लाता तो है ----?
बस बहुत हो चुकी --बहकी --बहकी बाते ---
हर गुमनाम रास्ते ----
खुद के कदमो के निशाँ ---
मिटाता तो है -----------?
Monday, March 19, 2012
एक विचार
गीली आंखों से देखता हूँ जब कभी
मीठा पानी सा सपना दिखता है ----
पथरीली राहो पर चलते रहे लोग ----
भटकना हर पल पड़ता है ----
----
Saturday, March 10, 2012
दिए जलते है -
दिए जलते है --
यूं ही रहता है
पसरा हुआ-सा
एक गहरा शून्य
,सन्नाटा
चित्कार करता हुआ
अंतस को छीलता
,
और फिर छीन लेता है
वो एहसास भी
,
जो देता है ---
ख़ुद के इंसान होने का गवाह -----????
Wednesday, February 29, 2012
यही है जिन्दगी --------!!!!!!
यही है जिन्दगी --------!!!!!!
***************************
मन की पीड़ा रिस रिस बहती
क्यों------?
मर्म के धरातल में
मारीचिका का
आभास --------?
दर्द का मूक पक्ष भी
अब बिना शोर-शराबे के
कुछ कह कर स्पंदित कर जाता है।
यही है जिन्दगी --------!!!!!!
वजूद
वजूद
************
आज बेठे -बेठे
जरा हट के में सोचता हूँ
अचानक ऐसी कुछ बातें लिखूँ
जो हमारी स्थापित सोच,
हमारी संस्कृति और
समाज से जरा
परे हटकर हों.-----
अफ़सोस ------
मेरा वजूद नकार गया -------?
Monday, November 14, 2011
जिन्दगी कम है
मै कभी
आधा -अधूरा न था ---
जब तक ----?
तुमको न देखा ----
पता नहीं वो कोन है
जो कहता है की
उसे फुर्सत मिल गयी
जमाने से ----
हमें तो गुनाह
करने को भी
जिन्दगी कम है -----
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)