Monday, May 14, 2012

कैदी


सदियों तक 
न हाथ थाम सके 
साँसों के कैदी  !

Saturday, May 12, 2012

दर्द



दर्द से रिश्ता 
और भी गहरा है 
ये केसा खेला

एक विचार


एक विचार
गहराने लगे थे 
उस पथ पे 

Tuesday, April 24, 2012

लावारिस


लम्हों और पलो में जी है जिन्दगी 
उदास पलो में कभी उदास लम्हा --
बाहर से अंदर का वीरान सफ़र ---
समंदर की तरह लहरा  रहा दिल 
लावारिस सा दर्द छलक और
 यतीम सा हो गया है --?
मुझे तो प्यार से प्यार है ---?

Saturday, April 21, 2012

याद आई


मौसम ने आज फिर पायल पहनी है 
पर लब पर कोई आवाज नहीं ----
देखो ----ये केसा नूर है ---
राख के रंग में सने हुए 
याद आई थी वो जागी हुई गजल मुझे 
रास्ता खोये से हेरान --फरिस्तों जेसे -----???

Friday, April 20, 2012

आंसू


बियावान आँखों का जंगल 
खामोश अँधेरे के मजबूत साए ----
तारीक गवाह है ----ना कोई  सितारा 
ना कोई जुगुनुओ की लड़ी -----
ऐ ---आधियो ----
देखो तो ज़रा-------
कुछ तरसती निगाहों में 
दिए आज भी चमकते है ----
सर्द अहसास की दहकती ज़मी
पर तुम अचानक उन्हें ----
देखो गे तो सहसा कहोगे 
-----आंसू ------!!!!

Thursday, April 19, 2012

रौशन चिराग


अजब  दास्ताँ है -----
देखो -औ- आँधियों 
रौशन चिराग आज फिर 
उसी मोड़  पर ---
बुझ गया ---------
खो गयी हैं सभी मंजिले ,
अँधेरे में हर रहगुजर ---
क्या कहूँ ----
अब तू ही बता 
तेरे कदमो से निकलती है 
मेरी जिन्दगी की हर डगर ------?